Friday, August 27, 2010



लहू आँखों में लाना बंद कर दो ,
यूँ ज़ख्मो को दिखाना बंद कर दो|

चिरागों ने बहुत कुछ सह लिया है ,
हवाओं आजमाना बंद कर दो | 

हिजर के खौफ से अच्छा हिजर है , 
सनम तुम पास आना बंद कर दो

मुहब्बत आजमाइश मांगती है ,
इसे तुम आज़माना बंद कर दो |

कईं बातें हमारे दरमियाँ है , 
नईं बातें बनाना बंद कर दो |

नहीं दूंगा तुम्हे कोई दुहाई ,
नज़र मुझसे चुराना बंद कर दो |

कई जुगनू है शब के आसमाँ में , 
सुनो दिन दिल जलाना बंद कर दो 
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Lahu aankhon mein laana band kar do,
Yun zakhmo ko dikhana band kar do.

Chiraagon ne bahut kuch seh liya hai ,
Hawaon aazmaana band kar do .

Hijar ke khauf se achha Hijar hai,
Sanam tum paas aana band kar do.

Muhabbat aazmaaish maangti hai ,
isey tum aazmana band kar do.

Kayi baatein hamare darmiyaan hai ,
nayi baatein banana band kar do .

Nahin doonga tumhe koi duhaai ,
nazar mujhse churana band kar do.

Kayi jugnu hai shab ke aasmaan mein ,
Suno din dil jalana band kar do .

11 comments:

  1. Yun to chunane ko sab sher ek se ek badhiya hain, par ye kuchh khaas hi laga mujhey!
    नहीं दूंगा तुम्हे कोई दुहाई ,
    नज़र मुझसे चुराना बंद कर दो |
    Wah Dinesh, kya ghazalen likhte ho!

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  2. बहुत खूब, क्या बात है ,
    खूबसूरत अशआर,खूबसूरत ग़ज़ल
    बहुत बधाई !

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  3. मुहब्बत आजमाइश मांगती है ,
    इसे तुम आज़माना बंद कर दो |

    कईं बातें हमारे दरमियाँ है ,
    नईं बातें बनाना बंद कर दो

    बहुत खूबसूरत गज़ल है ....मेरे ब्लॉग पर आने के लिए आभार ...

    कृपया कमेंट्स की सेटिंग से वर्ड वेरिफिकेशन हटा दें ...टिपणी करने वालों को सरलता होगी ....इसकी वजह से बहुत से लोग टिप्पणी करने से कतराते हैं ..

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  4. बहुत अच्छी ग़ज़ल है, सभी अशआर काबिल-इ-तारीफ़ हैं!

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  5. बहुत सुन्‍दर गजल...
    गजल पर लगी तस्‍वीर को हम भी अपने ब्‍लॉग में साभार लगा रहे हैं।
    ब्‍लॉग पर आपका स्‍वागत है।
    http://punarjanmm.blogspot.com

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  6. bahut accha bahut hi sundar rachna hai ia rachna ke liye sirf wah wah or wah wah mera blog dekhe
    amanagarwalmarwari.blogspot.com

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  7. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

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  8. दिनेश जी,

    खुबसूरत ग़ज़ल से आगाज़ किया है आपने...ये शेर बहुत पसंद आये......आपको फॉलो कर रहा हूँ इस उम्मीद में की आगे भी ऐसा ही अच्छा पड़ने को मिलेगा...

    लहू आँखों में लाना बंद कर दो ,
    यूँ ज़ख्मो को दिखाना बंद कर दो|

    नहीं दूंगा तुम्हे कोई दुहाई ,
    नज़र मुझसे चुराना बंद कर दो |

    कभी फुर्सत में हमारे ब्लॉग पर भी आयिए- (अरे हाँ भई, सन्डे को को भी)

    http://jazbaattheemotions.blogspot.com/
    http://mirzagalibatribute.blogspot.com/
    http://khaleelzibran.blogspot.com/
    http://qalamkasipahi.blogspot.com/

    एक गुज़ारिश है ...... अगर आपको कोई ब्लॉग पसंद आया हो तो कृपया उसे फॉलो करके उत्साह बढ़ाये|

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  9. लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!

    बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

    यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख

    "आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
    पढ़ सकते है.

    http://baasvoice.blogspot.com/
    Thanks.

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  10. बहुत खूब.. क्या बात है|

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